An interesting story behind acquisition of Land Rover and Jaguar by Tata Motors

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टाटा मोटर्स ने 30 दिसंबर 1998 को पहली पैसेंजर कार “टाटा इंडिका” लांच किया जो कि पहला शुद्ध भारतीय कार थी जिसको पूर्ण रूप से भारत में बनाया गया था| लेकिन जब ये कार लांच हुई तो उसके एक साल के अंदर ही यह पूरी तरह से असफल हो गई और टाटा समूह को अपने इतिहास कि पहली कंपनी बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा| काफी प्रयास के बाद फोर्ड मोटर के चेयरमैन बिल फोर्ड ने टाटा मोटर्स के पैसेंजर प्लांट को खरीदने में रूचि दिखाई और मुलाकात के लिए मुंबई पहुंचे|
जब रतन टाटा और बिल फोर्ड इस सौदे के लिए आमने सामने बैठे तो बिल फोर्ड ने रतन टाटा से मजाकिया अंदाज़ में कहा कि “जब आप पैसेंजर कार सेगमेंट के बारे में कुछ जानते नहीं है तो इसकी शुरुआत क्यों कि?”

ऐसा अपमान सुन कर रतन टाटा मीटिंग से उठ कर चले गए और प्लांट को बेचने का विचार बदल दिया|

इस घटना के 9 साल बाद-

फोर्ड कंपनी अपने पैसेंजर सेगमेंट लैंड रोवर और जैगुआर को बेचने के लिए खरीददार खोजने लगे क्यों कि उस समय लैंड रोवर और जैगुआर घाटे में चल रही थी और सबसे पहले टाटा समूह ने इसमें रूचि दिखाई और लैंड रोवर- जैगुआर को खरीदने के लिए डेट्रॉइट(अमेरिका) पहुंच गए|

फिर से एक बार रतन टाटा और बिल फोर्ड आमने सामने बैठे लेकिन समय बदल चूका था और इस बार टाटा समूह खरीददार बन कर गई थी| बिल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा कि “आप ये सौदा कर के हमारे ऊपर एक बहुत बड़ा उपकार कर रहे है”|

इस तरह रतन टाटा ने अपने अपमान का बदला लिया और आज के समय में लैंड रोवर जैगुआर, टाटा मोटर्स कि सबसे लाभदायक कंपनी है| Read more “An interesting story behind acquisition of Land Rover and Jaguar by Tata Motors”

A brief review about 3 years of NDA (Modi) Government

26 मई 2017 को NDA सरकार के 3 साल पूरे हो गए| 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की सत्ता संभाली थी| इन तीन सालो के काम के अनुसार मोदी सरकार कुछ क्षेत्र में बहुत ही प्रभावी काम किया है तो कुछ क्षेत्र उतने ही निराशा भरा रहा है|

वैसे तो मोदी सरकार को कई पहलुओं पर तौल सकते है उनमे से कुछ प्रमुख और आवश्यक पहलुओं पर नज़र डालते है-

1) संपर्क क्षेत्र

सकारात्मक:– बहुत सारे निर्णय रेलवे, सड़क और संपर्क क्षेत्र में लिए गए उनमे सागरमाला और भारतमाला प्रमुख है जो की नए पोर्ट और एक्सप्रेसवे के निर्माण से सम्बंधित है| UDAN एक और प्रमुख निर्णय है जो की आम आदमी के लिए शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत उड़ान का किराया Rs 2500 से शुरू होता है|

नकारात्मक:– रेलवे दुर्घटनाये बढ़ी है जिसके वजह से कैबिनेट मंत्री सुरेश प्रभु को इस्तीफा देना पड़ा| 41 kms /day सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया था जो की अभी तक 21 kms /day तक ही प्राप्त हो पाया है|

2) आतंकवाद, रक्षा और विदेश नीति

सकारात्मक:– पिछले 1 साल में काश्मीर में 116 आतंकवादी मारे गए है जो अभी तक पिछले 10 सालो में सबसे ज्यादा है| सर्जिकल स्ट्राइक एक और अच्छा एक्शन था जिसने NDA सरकार को काफी वाह वाही दिलवाई| मोदी ने अपने पङोसियो श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल , भूटान और म्यांमार से सम्बन्ध काफी मजबूत हुए है|

नकारात्मक:-माओवादियों के हमले को रोकने में सरकार अभी तक फेल रही है| अगर विदेश नीति कि बात करे तो कही न कही रूस जो कि हमारा एक बहुत अच्छा दोस्त है उससे सम्बन्ध में थोड़ी कमी जरूर देखि गई है|

3) किसान और कृषि

ये ऐसा क्षेत्र है जिसमे ज्यादातर हिंदुस्तानी सरकार फेल रही है और NDA सरकार का भी रवैया कुछ ऐसा ही है|

सकारात्मक:–  कुछ अच्छे निर्णय सरकार ने जरूर लिए है जैसे कृषि के क्षेत्र में  “एक देश, एक बाज़ार” के नाम कि योजना जिससे किसानो का मुनाफा 2022 तक दो गुना करने का लक्ष्य है|

नाकारात्मक:– सब्जियों और दाल का सही मुनाफा किसानो को नहीं मिलना सरकार के नीति को कमजोर दिखाती है|

4) आर्थिक नीति

सकारात्मक:- आजादी के बाद कर क्षेत्र में देश ने सबसे बड़ा बदलाव GST के रूप में देखा जो कि एक बहुत बड़ा बदलाव है| काले धन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बहुत सारे फैसले लिए है| उसमे नोट बंदी एक बहुत बड़ा फैसला था|

नकारात्मक:- नोट बंदी से कुछ समय के लिए छोटे और मझोले कारोबारियों पर काफी बुरा असर पड़ा| सरकार अभी तक विदेशो से काला धन लाने में असफल रही है|

5) सशक्तिकरण

सकारात्मक:- महिलाओ को मातृत्व अवकाश को बढाकर 6 महीने तक किया गया जो कि एक अच्छा फैसला है| और कोई अच्छा फैसला अभी तक नज़र नहीं आया है|

नकारात्मक:- सरकार अपने वादे के अनुसार नौकरी पैदा करने में अभी तक फेल रही है| शिक्षा के अस्तर को ऊंचा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है|

6) अतिरिक्त

सकारात्मक:- सरकार का “स्वच्छ भारत अभियान” एक अच्छा पहल है जिसका थोड़ा बहुत असर अभी तक कई राज्यों में देखा गया है| कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देना भी एक अभूतपूर्व फैसला है| ज्यादा से ज्यादा सरकारी websites को ऑनलाइन किया गया है ताकि पारदर्शिता को बढ़ाया जा सके|

नकारात्मक:- महिलाओ के खिलाप अत्याचार बढ़ा है| कॉल ड्राप कि समस्यांए बढ़ी है|