A big lie about discovery of India taught to us in school book. Let’s know about truth.

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भारत का आधुनिक शिक्षा प्रणाली ब्रिटिश शिक्षा प्रणाली से प्रेरित है इसी लिए हमारे देश के किताबो में बहुत कुछ गलत पढ़ाया जाता है| उनमे से सबसे बड़ा झूठ यह पढ़ाया जाता है कि हिंदुस्तान कि खोज वास्को डा गामा ने सन 1498 में कालीकट पहुंच कर कि थी|

चलिए जानते है कि तार्किक सच्चाई क्या है?

तर्क नंबर एक:- जैसा कि हम जानते है कि वैज्ञानिक दृस्टि से हिंदुस्तान का इतिहास हरप्पा और मोहेंजोदड़ो से शुरू होती है और इसका इतिहास लगभग 5000 से 10000 साल पुराना है जो कि वास्को डा गामा के भारत पहुंचने से बहुत पहले कि है| यद्यपि भारत कि संस्कृति इतनी पुरानी है तो भारत कि खोज कोई कैसे कर सकता है? और एक भारतीय को कैसे यह पढ़ाया जा सकता है कि तुम्हे किसी ने खोजा है? और ये पढ़ाना भी है तो अंग्रेजो को अपने किताबो में अपने बच्चो को पढ़ाना चाहिए ना कि किसी हुन्दुस्तानी को|ये खोज अंग्रेजो और दुनिया के लिए थी ना कि हिन्दुस्तानियो के लिए| हाँ हमे ये जरूर जानना चाहिए कि वो पहला हिंदुस्तानी कौन था जिसने इंग्लैंड कि खोज कि थी?

तर्क नंबर दो:- वैसे वास्को डा गामा से लगभग 1700 सौ साल पहले 326 ई.पू. सिकंदर और उसकी सेना भारत के सीमा तक पहुंच गई थी और यूनानी किताबो में लिखा भी हुआ था कि भारत उस समय एक बहुत समृद्ध देश था| अगर इस इतिहास कि माने तो शायद सिकंदर और उसकी सेना पहले थे जो हिंदुस्तान पहुंचे थे| लेकिन ये भी हम अपनी किताबो में क्यों पढ़ाये कि सिकंदर ने भारत कि खोज कि थी? खोज तो यूनानियों के लिए थी ना कि हिन्दुस्तानियो के लिए|

अब जानते है कि वास्को डा गामा भारत कैसे पंहुचा?

वास्को डा गामा ने अपने डायरी में लिखा है कि वो भारत को खोजते खोजते ईस्ट अफ्रीका में ज़़ैज़िबार नामक स्थान पर पंहुचा जहाँ पर उसने देखा कि उसकी नाव से लगभग तीन गुना बड़ा और बहुत आधुनिक नाव वहां पहले से खड़ी है| उस नाव कि आधुनिकता देख के वो काफी स्तब्ध रह गया| उसने पता किया तो देखा कि एक अफ्रीकन व्यापारी उस नाव के मालिक से बात कर रहा है| उस नाव के मालिक का नाम चन्दन था| चन्दन हिरा, मसाला और लकड़ियों का व्यापारी था|वास्को उस अफ्रीकन व्यापारी से मिलने गया और बातो बातो में अफ्रीकन व्यापारी को जब यह पता चला कि वास्को को भारत जाना है तो उसने वास्को को बताया कि चन्दन कल भारत वापस जा रहा अगर वो चाहे तो उसका अनुसरण कर सकता है|चन्दन कि नाव इतनी आधुनिक थी कि आकार में लगभग तीन गुना बड़ा और काफी भारी होने के बावजूद उस नाव कि गति वास्को के नाव से लगभग 2 या 3 गुना थी|

वास्को, चन्दन के पीछे पीछे भारत पहुंच गया और अंग्रेजो ने इसे एक खोज का नाम दे दिया|

An interesting story behind acquisition of Land Rover and Jaguar by Tata Motors

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टाटा मोटर्स ने 30 दिसंबर 1998 को पहली पैसेंजर कार “टाटा इंडिका” लांच किया जो कि पहला शुद्ध भारतीय कार थी जिसको पूर्ण रूप से भारत में बनाया गया था| लेकिन जब ये कार लांच हुई तो उसके एक साल के अंदर ही यह पूरी तरह से असफल हो गई और टाटा समूह को अपने इतिहास कि पहली कंपनी बेचने के लिए मजबूर होना पड़ा| काफी प्रयास के बाद फोर्ड मोटर के चेयरमैन बिल फोर्ड ने टाटा मोटर्स के पैसेंजर प्लांट को खरीदने में रूचि दिखाई और मुलाकात के लिए मुंबई पहुंचे|
जब रतन टाटा और बिल फोर्ड इस सौदे के लिए आमने सामने बैठे तो बिल फोर्ड ने रतन टाटा से मजाकिया अंदाज़ में कहा कि “जब आप पैसेंजर कार सेगमेंट के बारे में कुछ जानते नहीं है तो इसकी शुरुआत क्यों कि?”

ऐसा अपमान सुन कर रतन टाटा मीटिंग से उठ कर चले गए और प्लांट को बेचने का विचार बदल दिया|

इस घटना के 9 साल बाद-

फोर्ड कंपनी अपने पैसेंजर सेगमेंट लैंड रोवर और जैगुआर को बेचने के लिए खरीददार खोजने लगे क्यों कि उस समय लैंड रोवर और जैगुआर घाटे में चल रही थी और सबसे पहले टाटा समूह ने इसमें रूचि दिखाई और लैंड रोवर- जैगुआर को खरीदने के लिए डेट्रॉइट(अमेरिका) पहुंच गए|

फिर से एक बार रतन टाटा और बिल फोर्ड आमने सामने बैठे लेकिन समय बदल चूका था और इस बार टाटा समूह खरीददार बन कर गई थी| बिल फोर्ड ने रतन टाटा से कहा कि “आप ये सौदा कर के हमारे ऊपर एक बहुत बड़ा उपकार कर रहे है”|

इस तरह रतन टाटा ने अपने अपमान का बदला लिया और आज के समय में लैंड रोवर जैगुआर, टाटा मोटर्स कि सबसे लाभदायक कंपनी है| Read more “An interesting story behind acquisition of Land Rover and Jaguar by Tata Motors”

A brief review about 3 years of NDA (Modi) Government

26 मई 2017 को NDA सरकार के 3 साल पूरे हो गए| 26 मई 2014 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केंद्र की सत्ता संभाली थी| इन तीन सालो के काम के अनुसार मोदी सरकार कुछ क्षेत्र में बहुत ही प्रभावी काम किया है तो कुछ क्षेत्र उतने ही निराशा भरा रहा है|

वैसे तो मोदी सरकार को कई पहलुओं पर तौल सकते है उनमे से कुछ प्रमुख और आवश्यक पहलुओं पर नज़र डालते है-

1) संपर्क क्षेत्र

सकारात्मक:– बहुत सारे निर्णय रेलवे, सड़क और संपर्क क्षेत्र में लिए गए उनमे सागरमाला और भारतमाला प्रमुख है जो की नए पोर्ट और एक्सप्रेसवे के निर्माण से सम्बंधित है| UDAN एक और प्रमुख निर्णय है जो की आम आदमी के लिए शुरू किया गया है जिसके अंतर्गत उड़ान का किराया Rs 2500 से शुरू होता है|

नकारात्मक:– रेलवे दुर्घटनाये बढ़ी है जिसके वजह से कैबिनेट मंत्री सुरेश प्रभु को इस्तीफा देना पड़ा| 41 kms /day सड़क निर्माण का लक्ष्य रखा गया था जो की अभी तक 21 kms /day तक ही प्राप्त हो पाया है|

2) आतंकवाद, रक्षा और विदेश नीति

सकारात्मक:– पिछले 1 साल में काश्मीर में 116 आतंकवादी मारे गए है जो अभी तक पिछले 10 सालो में सबसे ज्यादा है| सर्जिकल स्ट्राइक एक और अच्छा एक्शन था जिसने NDA सरकार को काफी वाह वाही दिलवाई| मोदी ने अपने पङोसियो श्रीलंका, बांग्लादेश, नेपाल , भूटान और म्यांमार से सम्बन्ध काफी मजबूत हुए है|

नकारात्मक:-माओवादियों के हमले को रोकने में सरकार अभी तक फेल रही है| अगर विदेश नीति कि बात करे तो कही न कही रूस जो कि हमारा एक बहुत अच्छा दोस्त है उससे सम्बन्ध में थोड़ी कमी जरूर देखि गई है|

3) किसान और कृषि

ये ऐसा क्षेत्र है जिसमे ज्यादातर हिंदुस्तानी सरकार फेल रही है और NDA सरकार का भी रवैया कुछ ऐसा ही है|

सकारात्मक:–  कुछ अच्छे निर्णय सरकार ने जरूर लिए है जैसे कृषि के क्षेत्र में  “एक देश, एक बाज़ार” के नाम कि योजना जिससे किसानो का मुनाफा 2022 तक दो गुना करने का लक्ष्य है|

नाकारात्मक:– सब्जियों और दाल का सही मुनाफा किसानो को नहीं मिलना सरकार के नीति को कमजोर दिखाती है|

4) आर्थिक नीति

सकारात्मक:- आजादी के बाद कर क्षेत्र में देश ने सबसे बड़ा बदलाव GST के रूप में देखा जो कि एक बहुत बड़ा बदलाव है| काले धन पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने बहुत सारे फैसले लिए है| उसमे नोट बंदी एक बहुत बड़ा फैसला था|

नकारात्मक:- नोट बंदी से कुछ समय के लिए छोटे और मझोले कारोबारियों पर काफी बुरा असर पड़ा| सरकार अभी तक विदेशो से काला धन लाने में असफल रही है|

5) सशक्तिकरण

सकारात्मक:- महिलाओ को मातृत्व अवकाश को बढाकर 6 महीने तक किया गया जो कि एक अच्छा फैसला है| और कोई अच्छा फैसला अभी तक नज़र नहीं आया है|

नकारात्मक:- सरकार अपने वादे के अनुसार नौकरी पैदा करने में अभी तक फेल रही है| शिक्षा के अस्तर को ऊंचा करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया गया है|

6) अतिरिक्त

सकारात्मक:- सरकार का “स्वच्छ भारत अभियान” एक अच्छा पहल है जिसका थोड़ा बहुत असर अभी तक कई राज्यों में देखा गया है| कैशलेस इकॉनमी को बढ़ावा देना भी एक अभूतपूर्व फैसला है| ज्यादा से ज्यादा सरकारी websites को ऑनलाइन किया गया है ताकि पारदर्शिता को बढ़ाया जा सके|

नकारात्मक:- महिलाओ के खिलाप अत्याचार बढ़ा है| कॉल ड्राप कि समस्यांए बढ़ी है|

Communication Facts of India

1) 92 /100 मोबाइल कनेक्शंस के साथ भारत विश्व में दूसरे स्थान पर है और ये संख्या 1.2 अरब है| भारत केवल चीन से पीछे है जहाँ मोबाइल कनेक्शन संख्या 1.3 अरब है| 2013 तक भारत का स्थान पहला था|
2) भारत में इंटरनेट यूज़र्स कि संख्या 34 करोड़ है जो कि कुल जनसँख्या का 26% है और विश्व में दूसरे स्थान पर आता है| चीन 69 करोड़ यूज़र्स के साथ पहले नंबर है|
3) 4209 टेलीविज़न चैनल हिंदुस्तान में ब्रॉडकास्ट होते है जो कि दुनिया में दूसरा सबसे ज्यादा है| पहले पर रूस है जहाँ 7306 चैनल ब्रॉडकास्ट होते है|
4) 2 .5 करोड़ टेलीफोन लाइन्स के साथ भारत विश्व में 12 वां स्थान पर है|
5) 67.5 लाख इंटरनेट होस्ट्स के साथ भारत विश्व में 17 वे नंबर आता है| पहले नंबर पर अमेरिका है जहा इंटरनेट होस्ट्स 50 करोड़ है|

Demographics Facts of India

1) विश्व की दूसरी सबसे बड़ी जनसँख्या हिंदुस्तान में रहती है| 2011 के जनगणना के हिसाब से हिंदुस्तान की आबादी 2.1 अरब है और केवल चीन(1.33 अरब) से पीछे है|
2) जनसँख्या घनत्व में भारत का नंबर 30 वां है| 404 व्यक्ति पर स्क्वायर किलोमीटर| सिंगापुर का स्थान पहला जिसका जनसँख्या घनत्व 7698 व्यक्ति पर स्क्वायर किलोमीटर है|
3) अंग्रेजी बोलने वालो की जनसँख्या 12 .5 करोड़ के साथ विश्व में दूसरे नंबर पर है भारत केवल अमेरिका(28 .३ करोड़) से पीछे है|
4) साक्षरता दर में भारत का 168 वां स्थान है| यहाँ कि साक्षरता दर 72 % (2011 Census के अनुसार) है|
5) भारत कि 50 % जनसँख्या 30 साल से कम उम्र कि है और 70 % जनसँख्या 15 से 65 साल के बिच कि है| इस आंकड़े के हिसाब से भारत विश्व का सबसे युवा देश भी है|